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Sunday, 13 October 2013

  गीत -----

     सुन मुरली की धुन
     चंचल हुए नयन      इधर उधर निहारूं
     चित हुआ बैचेन
     स्पर्श मंद मंद बयार का
     देवे सन्देश
     आ रहा कान्हा,
     बढे हृदय की धड़कन।
     …………
     सुन मुरली की धुन  ,
     चंचल हुए नयन …….
     इधर उधर निहारूं ,
     चित हुआ बैचेन। …
     बैठे मुंडेर पंछी ,
    लगे गाने गीत
    तरुवर भी झूम झूम
     देवे संगत।
      … ……….
    सुन मुरली की धुन
    चंचल हुए नयन  
     इधर उधर निहारूं
     चित हुआ बैचेन
     भौरें फूलों संग,
    मधुर मधुर गुनगुनाएं
    भीग गयो अंतस मेरा
     पा के तेरा सन्देश।
    ………….
    सुन मुरली की धुन ,
    चंचल हुए नयन …
    इधर उधर निहारूं ,
    चित हुआ बैचेन …
    मुझ में तू ,तुझ में मैं
    फिर भी न माने
    जिया देखे तुझ बिन
    ऐसी ही अपनी प्रीत।
    ………….
    सुन मुरली की धुन
     चंचल हुए नयन
     इधर उधर निहारूं
     चित हुआ बैचेन …।
     -------मंजु शर्मा

18 comments:

  1. बहुत सुन्दर रचना और ब्लॉग भी , बहुत बहुत मुबारक मंजू जी

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    1. आपका बहुत बहुत शुक्रिया Upasna Siag जी आपका और आपके कमेंट्स का मेरे ब्लॉग पर हमेशा इंतजार और स्वागत है।

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    1. आपका बहुत बहुत शुक्रिया ,मनोज गुप्ता जी आपका और आपके कमेंट्स का मेरे ब्लॉग पर हमेशा इंतजार और स्वागत है।

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    1. आपका बहुत बहुत शुक्रिया ,Anju(Anu) Chaudharyजी आपका और आपके कमेंट्स का मेरे ब्लॉग पर सदैव इंतजार और स्वागत है।

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  4. bahut sunder..didi kya apki poem main kavita veethi page pe share kar sakti hu ... apke blog lkink ke sath

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    1. जरुर कर सकती हो आयशा ,और बहुत बहुत शुक्रिया आपका और आपके कमेंट्स का मेरे ब्लॉग पर हमेशा इंतजार और स्वागत है।

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  5. रचना के भाव बहुत सुन्दर हैं । सच्चे हृदय से लिखा गया है एक-एक शब्द ।
    - शून्य आकांक्षी

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    1. आपका बहुत बहुत शुक्रिया ,Shoonya Akankshi ji आपका और आपके कमेंट्स का मेरे ब्लॉग पर सदैव इंतजार और स्वागत है।

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    1. आपका बहुत बहुत शुक्रिया जी आपका और आपके कमेंट्स का मेरे ब्लॉग पर सदैव इंतजार और स्वागत है। JAI SHREE KRISHNA JI

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  7. बेहतरीन रचानाएँ... सुन्दर ब्लॉग... बधाई हो...

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    1. आपका बहुत बहुत शुक्रिया ,ghanshyam Kumar ji आपका और आपके कमेंट्स का मेरे ब्लॉग पर सदैव इंतजार और स्वागत है।

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  8. बहुत बहुत शुक्रिया upasna siag ji

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